
रात के दस बज चुके थे। रवि का घर शांत था, लेकिन उसके कमरे से हल्की-हल्की बात-चीत की आवाजें आ रही थी। रवि, 19 साल का जवान लड़का, अपने तीन दोस्तों, अमित, विक्की और राज के साथ बैठा प्लान बना रहा था। वे कॉलेज के शरारती दोस्त थे और आज शाम से रवि के घर चले आए थे।
रवि की मां, सुनीता आंटी, 42 साल की सुंदर औरत थी। उनका गोरा रंग, भरी हुई छाती और पतली कमर किसी को भी ललचा सकती थी। वे हमेशा साड़ी में रहती, लाल बिंदी और मंगलसूत्र उन्हें और भी मोहक बनाते। लेकिन सुनीता आंटी सख्त मिजाज की थी। घर की इज्जत का पूरा ख्याल रखती और बच्चों की शरारतों पर सख्ती करती।







Write a comment ...